मुनिश्री अनुमान सागर जी महाराज के सानिध्य में 51 इन्द्रणियों ने की शांतिधारा, गूंज उठा मंदिर

मुनिश्री अनुमान सागर जी महाराज के सानिध्य में 51 इन्द्रणियों ने की शांतिधारा, गूंज उठा मंदिर

Under the spiritual guidance of Munishri Anuman Sagar

Under the spiritual guidance of Munishri Anuman Sagar

मुनिश्री ने 108 मंत्री से 51 इन्द्रणियों ने 51 जिन प्रतिमाओं पर किया पंचामृत अभिषेक ओर शांतिधारा। 

51 महिलाएं इंद्राणी बनकर भक्ति नृत्य के साथ भगवान जिनेंद्र की प्रतिमाओं पर कलशों से की शांतिधारा।

ग्वालियर -: Under the spiritual guidance of Munishri Anuman Sagar, ग्वालियर के इतिहास में प्रथम बार दिगंबर बीसपंथी जैन मंदिर चंपाबाग दानाओली में आज रविवार को पाठशाला प्रणेता मुनि श्री 108 अनुमान सागर जी महाराज के मंगल सानिध्य में 51 इन्द्रणियों के द्वारा पंचामृत अभिषेक ओर मंत्रो के साथ बृहद शांतिधारा की गई। जिसमे पहली बार 51 महिलाएं इंद्राणी बनकर भक्ति नृत्य के साथ भगवान जिनेंद्र की प्रतिमाओं पर कलशों से शांतिधारा की।

जैन समाज के प्रवक्ता सचिन जैन ने बताया कि मुनिश्री अनुमान सागर महाराज ने सर्व प्रथम 51 इन्द्रणियों से भूमि शुद्धि मंत्रो के साथ कराई। वहीं पांडुशिला पर केशर से श्री ओर स्वतिका बनवाया। 51 इन्द्रणियों ने हाथ में श्रीफल लेकर वेदी में विराजित जिन प्रतिमाओं से आज्ञा लेकर श्रीफल भेंटकर प्रतिमाओं को लेकर पांडुशिल पर विराजित किया।  मुनिश्री अनुमान सागर महाराज ने मंत्रो से प्रथम अभिषेक ओर शांतिधारा निधि अजय छाबड़ा, दूसरी अनामिका पंकज जैन, राखी विहर्ष जैन ओर तीसरी खुशबू जैन ने कलशों से किया। वहीं 51 इन्द्रणियों ने लाल गुलाबी साड़ी, सिर पर मुकुट पहनकर अलग अलग चौबीस तीर्थंकर प्रतिमाओं जल, आमरस, दूध, दही, घी, केशर, सर्व औषधिक पुष्प वर्षा, अन्य रसों से अभिषेक कर मंदिर परिसर जयकारों से गूंज उठा। मुनिश्री ने 108 विशेष मंत्रो से भगवान जिनेंद्र की शांतिधारा इन्द्रणियों ने भक्तिभाव के साथ की।

अलग-अलग रंगों में प्रतिमा देख भक्त नृत्य कर हो उठे आनंदित।

जैन सामान के प्रवक्ता सचिन जैन ने बताया कि इंद्राणी ने जिनप्रतिमा के अभिषेक करते समय सतरंगी हो गई। केसर के जल को प्रतिमा की ओर उड़ेला तो प्रतिमा केशरी रंग में रंग गई, ऐसे ही अलग-अलग रंगों में प्रतिमा को देखकर इंद्राणी ओर भक्तगण भजनों पर हाथों में चंवर लेकर नृत्य करते हुए आनंदित हो उठे। मुनिश्री के चरणों में चंपाबाग जैन मंदिर के अध्यक्ष प्रमोद टोंग्या, सचिव पंकज छाबड़ा, विनय कासलीवाल, संजय गोधा, शरद बोहरा, संजीव अजमेरा, अतुल टोंग्या ने श्रीफल भेंट किया। संचालन विनय कासलीवाल जैन ने किया एवं आभार पंकज छाबड़ा ने व्यक्त किया। 

पूजन ओर दान करने से पुण्य का संचार होता हैं-: मुनिश्री अनुमान सागरजी

मुनिश्री अनुमान सागर महाराज ने धर्म सभा को संबोधित करते हुए कहा कि इस संसार में जो प्राणी भगवान का इंद्र इंद्राणी बनकर अभिषेक ओर पूजन करता है वही प्राणी स्वर्ग में जाकर इंद्र इंद्राणी बनते हे। जो व्यक्ति अभिषेक पूजा नहीं करते उन्हें स्वर्ग में जगह नहीं मिलती। जीवन में पूजन ओर दान करने से पुण्य का संचार होता हैं।